Friday

गुरुदेव कि मुलाक़ात एक मौनी संत से गोल्डा (रावलपिंडी,पकिस्तान) में

एक बार गुरुदेव कि मुलाक़ात एक मौनी संत से गोल्डा (रावलपिंडी,पकिस्तान) में अकेले में लिख कर हुई.यह सब वार्तालाप लिखित रुप से वाणी में था। गुरुदेव: कौन देस किस जा से तुम आई । किस कारन यह भेख बनाईं। मौनी संत : न देस न विदेश से आई । सम तत्त में नित राम्नाई । कारन अकारण कोई ना सुझा। तुम किरपा से पाई सम पूजा । गुरुदेव: किस जुगत कर यह परम पद पाया। किस गुरु ने गुह्य ज्ञान समझाया । मौनी संत : प्राण अपांन ने सैट सुख लाया। शब्द गुरु से परम पद पाया।

No comments: